नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( Coronavirus ) को लेकर दुनियाभर में हड़कंप मचा हुआ है। इस वायरस की चपेट में अब तक तीन लाख से ज्यादा लोग आ चुके हैं, जबकि छह हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, भारत ( Coronavirus in india ) में इस वायरस का तांडव जारी है। इस वायरस को लेकर अब तक कोई वैक्सिन ( vaccine ) तैयार नहीं किया गया है। लेकिन, इसी बीच भारत की एक महिला डॉक्टर ने बड़ा दावा किया है। डॉक्टर सुशीला कटारिया ( Sushila Kataria ) का कहना है कि उन्होंने 11 संक्रमित मरीजों को अब तक ठीक किया है।
एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में डॉक्टर सुशीला कटारिया ने कहा कि मेदांता हॉस्पिटल में 14 कोरोना संक्रमित पीड़ितों को भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने अब तक 11 लोगों को ठीक कर दिया है। कटारिया ने कहा कि मेरे पास ये मरीज चार मार्च को को आए थे। क़रीब बीस दिनों से ये हमारे साथ हैं। हम सीख रहे हैं, नए तज़ुर्बे हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वायरस का अब तक कोई इलाज नहीं और सभी के लिए यह नया है। डॉक्टर ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि महामारी पूरे देश में बाकी दुनिया की तरह नहीं फैलेगी। यहां आपको यह बता दें कि यह सभी मरीज इटली के रहने वाले हैं और राजस्थान घूमने आए थे।
डॉक्टर सुशीला कटारिया ने बताया कि उनकी टीम ने कोरोना संक्रमित मरीजों पर कई दवाओं का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जुटाए अपने और बाकी दुनिया में जुटाए गए अनुभव के हिसाब से उनका इलाज किया। जिन मरीजों में मामूली लक्षण थे उन्हें मल्टी विटामिन दिया और लक्षणों के हिसाब से ट्रीटमेंट दिया। इसके अलावा जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत था या तेज बुखार था उन्हें एंटी वायरल दवाएं दी गई है।
डॉक्टर कटारिया का कहना है कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तो इस लड़ाई में लड़ ही रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ी लड़ाई लोगों को अपने घरों में लड़नी है। उनका कहना है कि सोशल डिस्टेंसिंग और आइसोलेशन ही इस वायरस से लड़ाई में सब से कारगर हैं।
उन्होंने बताया कि अगले 15 दिन ये तय करेंगे कि हम इस वायरस के खिलाफ लड़ाई में हार जाएंगे या जीत जाएंगे। उनका यह भी कहना है कि हमें अपने आप को पूरी तरह अपने घर तक सीमित करना होगा। इस महामारी का भारत में क्या स्वरूप होगा अब ये भारत के लोगों का व्यवहार पर ही तय करेगा। यहां आपको बता दें कि सरकार भी साफ कह चुकी है कि जब तक बेहद जरूरी काम न हो घरों से न निकलें। क्योंकि, एक मात्र यही तरीका है जिससे इस वायरस को रोका जा सकता है।